लौट कर आना तुम

लौट कर आना तुमजब पत्तों के झड़ने का मौसम आयेखटखटाते बंद खिड़कियों के पालेलौट कर आना तुमजब सवेरे की सर्द हवालाये मुट्ठी मे बंद करतुम्हारा यूँ ज़रा सा मुस्कुरानालौट कर आना तुमजब वक्त भाग कर करे पीछाबारिश छुपाये बादलों कोलौट कर आना तुमचिट्ठियों के मौसम मेनंगे पैर ओस पर चलने कोलौट कर आना तुमयूँ कभी […]

Act your age

वह: क्या हर बारिश में इतना खुश होना जरूरी है ? काले बादल आये नहीं कि नाचने लगना ? थोड़ा तो act your age. तुम क्या बच्ची हो जो चक्करघिन्नी की तरह नाचने लगो बारिश को देख कर। वो : क्योंकि बारिश सब कुछ धो देती है, हर उस धूल को जो समय की गर्त […]

गर हो सके तो बचा लेना………….

ख्वाहिशों की उखड़ती साँस और उम्मीदों के दम तोड़ने से ठीक पहले गर हो सके तो बचा लेना एक आधा कन्धा सर टिकाने के लिए बना देना मेरे ओर बाहों का आधा घेरा बिना किसी मतलब के भले ही न लेना कसमें सात जन्मों की पर पीरियड्स के समय तुम थोड़ा और हो लेना साथ […]