यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

Wanderer Wordweaver Woman

Wanderer Wordweaver Woman

यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है


Recent Posts

दुनिया के सभी पापा के नाम

दुनिया के सभी पापा के नाम

ट्रेन यात्रा के मेरे किस्सों में कल बहुत प्यारी सी कहानी जुड़ गयी. बीच सफ़र में, एक परिवार मेरी सामनी वाली सीट पर आ कर बैठा, पति, पत्नी और उनकी छोटी सी बेटी जिसका नाम पिहू था.पर सिर्फ ये तीन साथ में सफ़र कर रहे […]

My old home

My old home

one evening when sun painted the sky with goodbye of orange i passed through a familiar lane leading to a “no more my address” to an old home where my childhood stays it was there my old home, old and wrinkled for years which never […]

That was a difficult rescue…..I am glad you did

That was a difficult rescue…..I am glad you did

You know what is the most beautiful thing in this chaotic world full of people that pull us down. The one’s that rescue the “Us” that really can save us. Sounds confusing na? Fighting my anxiety and a low phase i come across a phone […]

The Two Love………..

The Two Love………..

There are two kinds of people Who will walk through that door One which will make you comfortable Like a coffee at a quaint sunset One who will look at you with A shine in their eyes One who will buy you chocolates That tastes […]

That one day

That one day

One day you will fall asleep Asleep with all the chaos around One day you will fall  asleep asleep with the nightmares that haunt One day you will walk among the storm And smile all across it One day you  won’t fear Won’t fear the […]

हम पागलों के बीच वो नंगी, अधमरी औरत नहीं रह सकती

हम पागलों के बीच वो नंगी, अधमरी औरत नहीं रह सकती

कॉलेज से घर जा रही थी, इंटर्नशिप के समय, जब रास्ते में मुझे वो दिखी. आज भी उसके बिखरे हुए बाल, शरीर पर मांस की एक पतली लेयर और उसके चिथड़ों से कपड़े याद हैं मुझे. किसी ने दया खा कर एक शर्ट और कुछ […]

Life by the window seat

Life by the window seat

Life by the window seat I sat across a train window Moments running behind The green field smiling across And waving a goodbye Like the green pickle that maa made And we stole it from the terrace That time just flashes by Came the month […]

Why I am taking #MyFriendAlexa with #Blogchatter

Why I am taking #MyFriendAlexa with #Blogchatter

If the world of blogging would be a class, i would be the most notorious student, always standing outside due to punishment. A series of incomplete assignments, always forgetting to bring my homework notebook to school, not participating in sports activities with others, oh how […]

एक बंद खिड़की  जिसके इस पार खड़ी हूँ मैं

एक बंद खिड़की जिसके इस पार खड़ी हूँ मैं

एक बंद खिड़की जिसके इस पार खड़ी हूँ मैं खटखटाती हूँ पुरानी लकड़ी के पाले बाहर की तेज़ बारिश के शोर में गुम हो जाती है ये आवाजें कुछ खटखटाहट थोड़ी सिसकियाँ बंद किवाड़ों के पीछे सीलन भरी दीवारों से लगे बैठी है कोई पुरानी […]

तुम होती तो क्या आज साथ होती

तुम होती तो क्या आज साथ होती

डिअर नानी (तुम अभी होती तो डिअर का मतलब समझाते तुम्हें खालिस जौनपुरिया भोजपुरी में ). कुछ दिन ऐसे होते हैं जब आप बस कहीं छिप जाना चाहते हो, एक ऐसी थकान जब किसी होने के न मायने समझ आते हैं और न किसी न […]