पहाड़ों के लिहाफ़ में

    पहाड़ों के लिहाफ़ में सिमटे हुये, पैरों को सिकोड़े एक रुका हुआ वक़्त कुछ दोस्त, कई किस्से वो प्यार के सबके अपने फलसफे ज़िन्दगी की दौड़ से अलग हटकर खुद को देखते, बस देखते किसी को समझाने की जिद नहीं यादों के फोल्डर से निकाल के कुछ अधूरे ख्वाब हरी घास पर, ओस […]

हम चुप रहे …………..हम हँस दिये

  आज यहाँ पर आखिरी दिन है,जाहिर है यहाँ से जाने का मन नहीं कर रहा है आज की घूमने की लिस्ट में एक मंदिर( हाँ मंदिर आपको दुनिया के हर कोने में मिल जायेंगे), एक म्यूजियम और झील के किनारे बसा एक खूबसूरत बुक शॉप है। तो अब कारवां यहाँ से आगे बढ़ेगा ।पिछले […]