इंतज़ार……..#OctoberMovie

 इंतज़ार तुम्हारे कुछ कहने का कह कर भूल जाने का इंतज़ार सर्दियों में तुम्हारी उँगलियों के ठिठुरने का और काफी के भाप में तुम्हारा अलाव ढूँढने का इंतज़ार पहाड़ के अंतिम छोर पर टिके चाँद का और उसके साथ चलने वाले अकेलेपन का इंतज़ार लहरों के जाने के बाद लौट आने का यूँ जाते वक़्त […]

P.S. I Love You #WorldBookDay

Someday there will be a notebook A notebook with tattered pages A notebook with Eiffel on the cover A notebook picked up from an old bookseller Because picking notebook was a habit A habit he happily obliged Because she thought she will write She will write love songs Love songs not about tall promises Love […]

Those Moments

Those Moments Like ordering everything on the menu Just to watch you try to make me eat it all Forgetting everything that shouldn’t be And getting your call to get s reminder Those Moments of endless talks Trying unsuccessfully to flirt my way So that you get the clue Those moments Like finally having the […]

कुछ लम्हों में सिर्फ प्रेमिका बन कर रह जाती है वो

कुछ लम्हों  में सिर्फ प्रेमिका बन कर रह जाती है वो उतार फेंकती है वो सब कुछ जो ओढ़ लिया है ज़िन्दगी की तरह जब जॉर्डन के साथ देती है जवाब “और कहीं रह नहीं पाउँगा मैं”….हीर के पूछने पर जब मिन्नत करती है वेद को कि मिला दे उसे खुद से कभी और तारा […]

इक उदास शहर का वादा

इक उदास  शहर में एक गुलाबी रात चाँद से उतर कर जब एक किस्सा लिखा जा रहा था सतरंगी दुपट्टे में तो वो बेरंग शहर चमक उठा था  टिमटिमाते रंगों में महलों से झांकती उदास खिड़कियाँ यूँ हँस दी  थी किसी के साथ कहते हैं लोग कि गुलाबी बिखर गया था पलाश के पीले पत्तों सा […]

मेरी कविता बहुत अकेली हो गयी है

तू बन जा मेरी अकेले का लिखा वो बैरन चिट्ठियां जो खुद को भेजूँ यूँ  छुप के मिलूं तुझे डायरी के किसी पन्ने पर और कह डालूं तुझसे सब अनकहा तू बन जा मेरा लॉन्ग पौज़ किसी अधूरी कविता के बीच ठहरा और ताकना मुझे पूरा करने को न पूरा करूँ तो शिकायत न करना […]

My old home

one evening when sun painted the sky with goodbye of orange i passed through a familiar lane leading to a “no more my address” to an old home where my childhood stays it was there my old home, old and wrinkled for years which never trembled perched near a dhaak tree shade the colors that […]