Act your age

वह: क्या हर बारिश में इतना खुश होना जरूरी है ? काले बादल आये नहीं कि नाचने लगना ? थोड़ा तो act your age. तुम क्या बच्ची हो जो चक्करघिन्नी की तरह नाचने लगो बारिश को देख कर। वो : क्योंकि बारिश सब कुछ धो देती है, हर उस धूल को जो समय की गर्त […]

My old home

one evening when sun painted the sky with goodbye of orange i passed through a familiar lane leading to a “no more my address” to an old home where my childhood stays it was there my old home, old and wrinkled for years which never trembled perched near a dhaak tree shade the colors that […]

तुम होती तो क्या आज साथ होती

डिअर नानी (तुम अभी होती तो डिअर का मतलब समझाते तुम्हें खालिस जौनपुरिया भोजपुरी में ). कुछ दिन ऐसे होते हैं जब आप बस कहीं छिप जाना चाहते हो, एक ऐसी थकान जब किसी होने के न मायने समझ आते हैं और न किसी न होने के कारण दिखते हैं, ऐसे ही दिन आज तुम […]

Beginning  Today

Beginning today  I look into the woods  And realize that life is just  A season of spring Before the  autumn  knocks Beginning  today  I learn that some relationships Are like the first shower They bring sporadic joy But are just the first shower As the year changes  Beginning  today I come to know  That there […]