Agar tum saath ho

उँगलियों का होना तब तक ही वाजिब जितना तुम्हारे हाथ का मेरे हाथों में असहज होना और तुम्हारे जाने के बाद उस अकेले हाथ याद की तकलीफ़. मौत क्या है जब पीछे से तुम्हें कोई पुकारे कितने ही बार बार-बार मिन्नतों के साथ और तुम पलट कर यह देखना बंद कर दो कि – किसने […]

Convincing

I always thought there was something so romantic about fighting for someone I always wondered that there was something so powerful about waiting for someone I always believed that love waited till eternity and there was something so surreal about not giving up on someone but as i sit here with a nagging pain in […]