गर हो सके तो बचा लेना………….

ख्वाहिशों की उखड़ती साँस और उम्मीदों के दम तोड़ने से ठीक पहले गर हो सके तो बचा लेना एक आधा कन्धा सर टिकाने के लिए बना देना मेरे ओर बाहों का आधा घेरा बिना किसी मतलब के भले ही न लेना कसमें सात जन्मों की पर पीरियड्स के समय तुम थोड़ा और हो लेना साथ […]

कहाँ से लाओगे

किसी खूबसूरत सा बनाने की जिद मे लगा दोगे तुम सलीके का टाँका पर कहाँ से लाओगे वो सुबह जिसकी अलगनी में पिछली रात के टुकड़े टँगे हैं उँगलियों की चुहल और बतियाती आँखें जब आँखें मींचे हँसती थी वो ज़ोर से बेढंगी सी घूम आती पूरे गांव और नाचती थी पिघलते अंधेरों पर डाल […]