An ode to a city with no names

एक शहर वो भी होते हैं जहाँ प्रेमी फिर से मिलने का वादा करते हैं जो गवाह होते हैं आखिरी वक्त तक इंतजार करने की बातों के रीत जाने का और शहर फिर हँसता है धीरे से एक शहर वो भी होता है जहाँ सूरज छिपता है लड़की के बालों में लगे फूलों के पीछे […]

लौट कर आना तुम

लौट कर आना तुमजब पत्तों के झड़ने का मौसम आयेखटखटाते बंद खिड़कियों के पालेलौट कर आना तुमजब सवेरे की सर्द हवालाये मुट्ठी मे बंद करतुम्हारा यूँ ज़रा सा मुस्कुरानालौट कर आना तुमजब वक्त भाग कर करे पीछाबारिश छुपाये बादलों कोलौट कर आना तुमचिट्ठियों के मौसम मेनंगे पैर ओस पर चलने कोलौट कर आना तुमयूँ कभी […]

“साला ये दुख काहे कम नहीं होता”

वो हर दिन नेट प्रैक्टिस पर मुझसे पहले आ जाता था और घंटों प्रैक्टिस करता। लड़कियों के बीच साला खासा पापुलर।फिर एक दिन वार्म अप के बीच उसने खालिस कोलगेटी स्माईल देते हुए वह फुसफुसाया “अबे सुन” मैं पलटी और कहा “मैं नहीं चाय पिला रही आज” वह ज़ोर से हँसा, वैसी हँसी जो छिटककर […]