Agar tum saath ho

उँगलियों का होना तब तक ही वाजिब जितना तुम्हारे हाथ का मेरे हाथों में असहज होना और तुम्हारे जाने के बाद उस अकेले हाथ याद की तकलीफ़. मौत क्या है जब पीछे से तुम्हें कोई पुकारे कितने ही बार बार-बार मिन्नतों के साथ और तुम पलट कर यह देखना बंद कर दो कि – किसने […]

इंतज़ार……..#OctoberMovie

 इंतज़ार तुम्हारे कुछ कहने का कह कर भूल जाने का इंतज़ार सर्दियों में तुम्हारी उँगलियों के ठिठुरने का और काफी के भाप में तुम्हारा अलाव ढूँढने का इंतज़ार पहाड़ के अंतिम छोर पर टिके चाँद का और उसके साथ चलने वाले अकेलेपन का इंतज़ार लहरों के जाने के बाद लौट आने का यूँ जाते वक़्त […]