P.S. I Love You #WorldBookDay

Someday there will be a notebook A notebook with tattered pages A notebook with Eiffel on the cover A notebook picked up from an old bookseller Because picking notebook was a habit A habit he happily obliged Because she thought she will write She will write love songs Love songs not about tall promises Love […]

दुनिया के सभी पापा के नाम

ट्रेन यात्रा के मेरे किस्सों में कल बहुत प्यारी सी कहानी जुड़ गयी. बीच सफ़र में, एक परिवार मेरी सामनी वाली सीट पर आ कर बैठा, पति, पत्नी और उनकी छोटी सी बेटी जिसका नाम पिहू था.पर सिर्फ ये तीन साथ में सफ़र कर रहे हो ऐसा नहीं था- पिहू के दो दोस्त भी थे- […]

तुम होती तो क्या आज साथ होती

डिअर नानी (तुम अभी होती तो डिअर का मतलब समझाते तुम्हें खालिस जौनपुरिया भोजपुरी में ). कुछ दिन ऐसे होते हैं जब आप बस कहीं छिप जाना चाहते हो, एक ऐसी थकान जब किसी होने के न मायने समझ आते हैं और न किसी न होने के कारण दिखते हैं, ऐसे ही दिन आज तुम […]

No Country for old men

Population ageing is a global issue, which has been recognized to have implications on the health care and social welfare systems. The process whereby the proportion of children in the population decreases and those of old persons increases is known as the “ageing of population”. The global population of elderly has constantly been increasing during […]

मेरा हीरो बूढ़ा हो चला है

हम सब के हीरो होते हैं, हमारी जिंदगी के वो हिस्से जिस पर हमारा हक होता है, वो शख्स जो हमें भरोसा दिलाता है कि उसके होने भर से ही सब कुछ ठीक हो जायेगा। एक बरगद का पेड़ मेरा हीरो है, जहाँ मैं भाग कर जाती हूँ जब कुछ ठीक न हो, जिसके पीछे […]

ये चाय की पत्तियाँ बिलकुल मेरे पापा सी

“ठिठुरती सी सुबह में अलसायी आँखों को खोलने की कोशिश चाय बनाने को उठी मैं दुधीले सफ़ेद को सुनहरा करती ये चाय की पत्तियां लगी मुझे कुछ पहचानी सी रंगों को भरते सबमें मिलकर ,सबसे मिलकर कुछ नया गढ़ते और फिर भी खुद सा ही रहते ये चाय की पत्तियाँ लगी मुझे कुछ जानी पहचानी […]