Act your age

वह: क्या हर बारिश में इतना खुश होना जरूरी है ? काले बादल आये नहीं कि नाचने लगना ? थोड़ा तो act your age. तुम क्या बच्ची हो जो चक्करघिन्नी की तरह नाचने लगो बारिश को देख कर। वो : क्योंकि बारिश सब कुछ धो देती है, हर उस धूल को जो समय की गर्त […]

गर हो सके तो बचा लेना………….

ख्वाहिशों की उखड़ती साँस और उम्मीदों के दम तोड़ने से ठीक पहले गर हो सके तो बचा लेना एक आधा कन्धा सर टिकाने के लिए बना देना मेरे ओर बाहों का आधा घेरा बिना किसी मतलब के भले ही न लेना कसमें सात जन्मों की पर पीरियड्स के समय तुम थोड़ा और हो लेना साथ […]

कहाँ से लाओगे

किसी खूबसूरत सा बनाने की जिद मे लगा दोगे तुम सलीके का टाँका पर कहाँ से लाओगे वो सुबह जिसकी अलगनी में पिछली रात के टुकड़े टँगे हैं उँगलियों की चुहल और बतियाती आँखें जब आँखें मींचे हँसती थी वो ज़ोर से बेढंगी सी घूम आती पूरे गांव और नाचती थी पिघलते अंधेरों पर डाल […]

“साला ये दुख काहे कम नहीं होता”

वो हर दिन नेट प्रैक्टिस पर मुझसे पहले आ जाता था और घंटों प्रैक्टिस करता। लड़कियों के बीच साला खासा पापुलर।फिर एक दिन वार्म अप के बीच उसने खालिस कोलगेटी स्माईल देते हुए वह फुसफुसाया “अबे सुन” मैं पलटी और कहा “मैं नहीं चाय पिला रही आज” वह ज़ोर से हँसा, वैसी हँसी जो छिटककर […]