जन्म से मृत्यु के बीच बहती – सरयू नदी

  13 साल बाद मैं अपने पैतृक गाँव “नवली” पहुंची . नवली, गोरखपुर जिले में सरयू नदी के किनारे बसा एक छोटा सा गाँव है. वही सरयू नदी जिसका वर्णन रामायण में है. इस गाँव का प्रत्येक व्यक्ति गर्व से बताता है की श्री राम ने सीता मैया के साथ वनवास जाने के लिये सरयू […]

मेरे बूढ़े मोहल्ले की बूढ़ी माताजी

मेरे मोहल्ला अब बूढ़ा हो चला है. ये तब की बात है जब भिलाई, मध्य प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था. औद्योगिक नगर भिलाई बहुत पहले ही समय की दौड़ से कुछ अलग हटकर खड़ा हो गया है. ये आज भी वैसा ही है जैसे नेहरूवियन एरा में हुआ करता था, बिलकुल वैसा- उतना ही […]