अबे हमने इश्क की दुकान खोल राखी है क्या

कहानी और कविता कहना भी एक अजब ही मुआमला है. आप कहानी को ढूंढते हैं और कविता आपको ढूँढ लेती है, बस इतना ही है ये पूरा खेल. इसे जबरन का खींचिये नहीं. ऐसा नहीं की आज बारिश हो रही है या काले बादल आ गये तो उस चौथे वाले पहले प्यार के लिये कविता […]

पर मुहब्बत तो हमने भी तुमसे कम नहीं की है

मेरी अमृता अमृता प्रीतम ………… एक इश्क सा है तुमसे जब से समझा कि जादू तो शब्दों का होता है, जबसे जाना कि हर वो शख्स मुझे इंस्पायर करता है जो डरता नहीं, डरता नहीं व्यक्त करने में, डरता नहीं जीने में, डरता नहीं टूट कर इश्क करने में. सबने तुम्हें साहिर और इमरोज़ के […]

ताज महल पर रूमाल रख दिया है हमने

हम ताज महल घूम कर आये ,मन प्रसन्न हो गया हमारा. इतनी खूबसूरत चीज़ इंसान ने बना दी यकीन ही नहीं आता. हमें तो खैर भगवान् ने बनाया है और ताज का कहाँ ठहरा कम्पटीशन हमसे. जब हम नयी बुशर्ट पहन कर मेले में जाते थे तो आस पास के तीन गाँव में हमारे चर्चे […]

हम चुप रहे …………..हम हँस दिये

  आज यहाँ पर आखिरी दिन है,जाहिर है यहाँ से जाने का मन नहीं कर रहा है आज की घूमने की लिस्ट में एक मंदिर( हाँ मंदिर आपको दुनिया के हर कोने में मिल जायेंगे), एक म्यूजियम और झील के किनारे बसा एक खूबसूरत बुक शॉप है। तो अब कारवां यहाँ से आगे बढ़ेगा ।पिछले […]

दो फ्री की कॉफी और बनारस

कल से अपनी ट्रैवल डायरी साझा करने को लेकर पशोपेश में हूँ। हम किसी के लिये क्या करते हैं, इसका सर्टिफिकेट दिये बिना क्या हम अपने अनुभव नहीं बाँट सकते?  क्या कुछ देकर ही कुछ लिया जा सकता है?  अगर बिना कुछ दिये हमें बहुत कुछ मिल जाये तो? आज एक बेहतरीन रेस्तरां के सामने […]

Postcard from P: Dear Women, You are doing it all wrong

Scenario 1: The movie called Waiting where Kalki’s husband has met with an accident and is in coma, a newly wed she is so emotionally shaken that she does not understand why it happened with her in the first place and when she does realize that it has actually happened she breaks down. Comes husband’s bag from the police station and she switches […]

सैराट में ऐसा क्या नया है जो तुम्हें परेशान कर रहा है?

सैराट के बारे में बहुत सुना, बहुत पढ़ा पर फिल्म के ख़त्म होने पर मैं निराश थी।मैं तो गयी थी “आखिर में जीत प्यार की ही होती है” देखने और ये क्या फिल्म ने तो वही दिखा दिया जो इस देश के गाँव- खेड़ो, हुक्का –पानी वाली सरपंचों, वैवाहिकी वाले कॉलम और फेसबुक वाले शहरों […]

अपनी माँ का चेहरा मैं अब भूल गयी हूँ………

बात कुछ साल पहले की है.मदर्स डे और उस सभी की तरह सारे “दिनों” का बुखार तभी तभी चढ़ा था। हमने सोचा यही तो मौका है बताने का कि “माँ कितना प्यार करते हैं तुझसे “( भले ही दो दिन पहले एक दोस्त के जन्मदिन के यहाँ जाने को लेकर इतना घमासान हुआ था कि […]

डियर चंदा कोचर, एक आध चिट्ठी उन हितैषियों को भी लिख दीजिये ….

  डियर चंदा कोचर आपका बेटी के नाम पत्र पढ़ा, बहुते ही अच्छा लिखा है।खूब आशीष भेजते हैं आपको और बिटिया को ।पर चंदा जी हम यह चिट्ठी लिखकर आपका ध्यान उन बेटियों की ओर ले जाना चाहते हैं जो इस देश के मिडिल क्लास से आती हैं, जिनकी सबसे बड़ी दुविधा उनका लड़की होना […]

एक वो होली होती थी गली के आशिकों वाली

  आजकल की होली भी कोई होली है, एक होली मिलन का गेट टूगेदर होता है , टीका लगाया जाता  है, डीजे वाले बाबू गाना बजाते हैं ” मैं तो तंदूरी मुर्गी हूँ यार , गटका ले ज़रा अल्कोहल से” और सब अंग्रेजी में “Happy Holi” कह कर happy हो जाते हैं।  ये भी कोई […]