हमारी नफरतों के बीच एक माँ

एक अजीब से घिनौने समय में हम जी रहे हैं, जहाँ एक होड़ मची हुई है कि “तेरी वाली देशभक्ति, मेरी वाली देशभक्ति“ से कम कैसे. मुझे गुरमेहर की भी बात बचकानी लगती है और उसे जवाब देने वाले सो कॉल्ड देशभक्तों पर तो तरस आता है जो अपनी बात रखने के लिये पहले दलील […]

इस बारगी ये पत्त्थर तो तबियत से उछला है यारों

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के पहले दिन ही अमेरिका ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा विरोध देखा, वाशिंगटन डीसी में 5 लाख से भी ज्यादा लोगों  ने  आज #Women’sMarch के तले एक विरोध मार्च में हिस्सा लिया और नये राष्ट्रपति को कड़े शब्दों में कहा कि समानता और अधिकारों की ये लड़ाई जारी […]

मेरा हीरो बूढ़ा हो चला है

हम सब के हीरो होते हैं, हमारी जिंदगी के वो हिस्से जिस पर हमारा हक होता है, वो शख्स जो हमें भरोसा दिलाता है कि उसके होने भर से ही सब कुछ ठीक हो जायेगा। एक बरगद का पेड़ मेरा हीरो है, जहाँ मैं भाग कर जाती हूँ जब कुछ ठीक न हो, जिसके पीछे […]

तुलसी का पौधा

वह हर रोज़ नींद से हड़बड़ा कर उठा जाती, बुरे सपने उसका पीछा ही नहीं छोड़ रहे थे. रोज़ अधूरी सी नींद के बाद सुबह उठती तो थकी हुई, चिढ़ी हुई. सपने में सब कुछ भरभराकर गिर जाता और वो उसे थाम नहीं पाती थी. ” बहुत ख़राब सपने आते हैं यार, परेशान हो गयी […]

हम सब में दरार है जो दिखती नहीं 2: सिर्फ ब्रेकअप से डिप्रेशन नहीं होता

दरार जो बताता है कि कुछ टूट गया है, कुछ दरक गया है, शायद आर पार नहीं, कोई टुकड़ा नहीं पर दरार बताती है कि कुछ टूटा जरुर है. कुछ पिघल गया है अन्दर मोम की तरह जो चाह कर भी वैसा नहीं हो पा रहा जैसा पहले था. पर जरुरत भी क्या है पहले […]

हम सब में दरार है, जो दिखती नहीं

कुछ दिन पहले पोएट्री के  एक इवेंट में गयी थी .यहाँ 15 लोग आये थे, 15 अजनबी जो एक दूसरे को बिलकुल भी नहीं जानते थे, 15 कहानियाँ, 15 कवितायेँ, 15 मन  और सैंकड़ों दरारें. साथ में रहते, एक दूसरे को अपनी ज़िन्दगी में आने का, झाँकने का न्योता देते वे 15 लोग एक दूसरे […]

पहाड़ों के लिहाफ़ में

    पहाड़ों के लिहाफ़ में सिमटे हुये, पैरों को सिकोड़े एक रुका हुआ वक़्त कुछ दोस्त, कई किस्से वो प्यार के सबके अपने फलसफे ज़िन्दगी की दौड़ से अलग हटकर खुद को देखते, बस देखते किसी को समझाने की जिद नहीं यादों के फोल्डर से निकाल के कुछ अधूरे ख्वाब हरी घास पर, ओस […]

अबे हमने इश्क की दुकान खोल राखी है क्या

कहानी और कविता कहना भी एक अजब ही मुआमला है. आप कहानी को ढूंढते हैं और कविता आपको ढूँढ लेती है, बस इतना ही है ये पूरा खेल. इसे जबरन का खींचिये नहीं. ऐसा नहीं की आज बारिश हो रही है या काले बादल आ गये तो उस चौथे वाले पहले प्यार के लिये कविता […]

पर मुहब्बत तो हमने भी तुमसे कम नहीं की है

मेरी अमृता अमृता प्रीतम ………… एक इश्क सा है तुमसे जब से समझा कि जादू तो शब्दों का होता है, जबसे जाना कि हर वो शख्स मुझे इंस्पायर करता है जो डरता नहीं, डरता नहीं व्यक्त करने में, डरता नहीं जीने में, डरता नहीं टूट कर इश्क करने में. सबने तुम्हें साहिर और इमरोज़ के […]

ताज महल पर रूमाल रख दिया है हमने

हम ताज महल घूम कर आये ,मन प्रसन्न हो गया हमारा. इतनी खूबसूरत चीज़ इंसान ने बना दी यकीन ही नहीं आता. हमें तो खैर भगवान् ने बनाया है और ताज का कहाँ ठहरा कम्पटीशन हमसे. जब हम नयी बुशर्ट पहन कर मेले में जाते थे तो आस पास के तीन गाँव में हमारे चर्चे […]