लौट कर आना तुम

लौट कर आना तुम
जब पत्तों के झड़ने का मौसम आये
खटखटाते बंद खिड़कियों के पाले
लौट कर आना तुम
जब सवेरे की सर्द हवा
लाये मुट्ठी मे बंद कर
तुम्हारा यूँ ज़रा सा मुस्कुराना
लौट कर आना तुम
जब वक्त भाग कर करे पीछा
बारिश छुपाये बादलों को
लौट कर आना तुम
चिट्ठियों के मौसम मे
नंगे पैर ओस पर चलने को
लौट कर आना तुम
यूँ कभी न वापस जाने को
बस इस तरह लौट कर आना तुम

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