“साला ये दुख काहे कम नहीं होता”

वो हर दिन नेट प्रैक्टिस पर मुझसे पहले आ जाता था और घंटों प्रैक्टिस करता। लड़कियों के बीच साला खासा पापुलर।फिर एक दिन वार्म अप के बीच उसने खालिस कोलगेटी स्माईल देते हुए वह फुसफुसाया

“अबे सुन”

मैं पलटी और कहा “मैं नहीं चाय पिला रही आज”

वह ज़ोर से हँसा, वैसी हँसी जो छिटककर बारिश के छींटों सा गिरती है।

“चल चाय मेरी ओर से और समोसा भी”

“क्या बात है। तू ठीक तो है न”

तभी कोच की आवाज़ आयी “ब्याह कर लो आज ही, प्रैक्टिस तो होती रहेगी”

हम भागे, बाद मे वह आया और बोला “अबे मुझे प्यार हो गया है”

मैं हँसते हँसते साईकिल से गिर गई।

“और हुआ किससे? वो ज़ेवियर की बिपाशा से”?

“चल तुझे दिखाता हूँ”

वह मुझे जज कालोनी ले गया। एक बंगले के सामने कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। वहाँ कुर्सी पर पैर डाले एक पीली आँखों वाली लड़की बैठी थी।

प्यार अंधा होता है यह सुना था पर बौराया हुआ होता है ये न सुना था। हमारे चैंप का प्यार इतना मामूली सा था कि मन खिन्न हो गया। घर आकर माँ से कहा हलवा खिला दे, इतने मामूली से प्यार को पचाने के लिए शीरा जरूरी था। लगा इससे अच्छा तो चैंप मंदिर वाली गली की नेहा को ही हाँ बोल देता जो दिल वाले लिफाफे मे चिट्ठी भेजती थी।

जब अंधेरा हुआ तो कोई आकर उस पीली आँखों वाली लड़की को कुर्सी के साथ उठाकर अंदर ले जाता। अब हमारा चैंप रोज़ वहां जाता। अंधेरा होने तक क्रिकेट खेलता। एक दिन मुझे घर के सामने मिला।

“अबे तू प्रैक्टिस पर क्यूँ नहीं आता।कोच सर के सामने पड़ा तो खा जायेगा तुझे।”

“वो मुझे देखकर मुस्कुराई एक दिन। और पता है उसकी स्माईल कैसी है, वो तेरे घर मे पर साल पीला फूल खिला था न, पूरे कस्बे मे सबसे अलग, बस वैसा ही।

उस दिन लगा चैंप खत्म था प्यार मे। फिर वो पीली आँखों वाली लड़की अपनी कुर्सी के साथ बाहर आना बंद कर दी। चैंप हर रोज़ जाता । फिर वो खुद ही कहता कि अब दिन छोटे हो गये हैं इसलिए वो नहीं आई।

महीनों वो वहां जाता रहा दिन लंबा होने के इंतजार मे। एक दिन मोहब्बतें देखते हुए उसे लगा शाहरुख उससे ही कह रहा “इतनी आसानी से अपनी मोहब्बत को जाने मत दो मेरे दोस्त”

वह भागता हुआ उस बंगले पर गया और बेल बजाई। उस दिन चैंप प्रैक्टिस पर आया। कोच ने उसे 10 राऊंड लगाने कहे। वह घंटों दौड़ता रहा। सबके जाने के बाद जब मैंने उसे रोका तो मुझे उसकी आंखें पीली दिखाई दी।

बरसों बाद “मसान” देखकर लगा ,चैंप की पीली उदास आँखें कह रही हो “साला ये दुख काहे कम नहीं होता”

1 Comment

  1. waah bahut khoob keep writing

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