कह के जब पलटी थी वो तुमसे

कह के जब पलटी थी वो तुमसे कि तुम नहीं हो कहीं तो उन आँखों के बहने में तुम थे रात के सन्नाटे में जब दिखती है उसे तुम्हारी आवाज़ तो वो टटोलती है तुम्हारे चेहरे को बनाती है कुछ तुम जैसा हवा में और ढूँढती है तुम्हें उन उकेरों में तो जब कहा था […]