यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

Month: December 2017

The elephant in the room no one wants to talk about – Child Sexual Abuse

The elephant in the room no one wants to talk about – Child Sexual Abuse

Often at the sessions of “The Bachpan project”, I wonder why it’s difficult for the child to speak about child sexual abuse. Why do they go though years of abuse to finally accept it? Why do they even need a counsellor when they have parents […]

कह के जब पलटी थी वो तुमसे

कह के जब पलटी थी वो तुमसे

कह के जब पलटी थी वो तुमसे कि तुम नहीं हो कहीं तो उन आँखों के बहने में तुम थे रात के सन्नाटे में जब दिखती है उसे तुम्हारी आवाज़ तो वो टटोलती है तुम्हारे चेहरे को बनाती है कुछ तुम जैसा हवा में और […]