अबे हमने इश्क की दुकान खोल राखी है क्या

कहानी और कविता कहना भी एक अजब ही मुआमला है. आप कहानी को ढूंढते हैं और कविता आपको ढूँढ लेती है, बस इतना ही है ये पूरा खेल. इसे जबरन का खींचिये नहीं. ऐसा नहीं की आज बारिश हो रही है या काले बादल आ गये तो उस चौथे वाले पहले प्यार के लिये कविता […]