यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

Month: July 2016

When dreams die ….Where do the ashes go

When dreams die ….Where do the ashes go

Today a conversation with a close friend about writing, about readers, about success and about unrequited dreams made me to think for hours, think about what he said, think about the set standards of success and do they equal into happiness,the jamboree turning into a […]

ताज महल पर रूमाल रख दिया है हमने

ताज महल पर रूमाल रख दिया है हमने

हम ताज महल घूम कर आये ,मन प्रसन्न हो गया हमारा. इतनी खूबसूरत चीज़ इंसान ने बना दी यकीन ही नहीं आता. हमें तो खैर भगवान् ने बनाया है और ताज का कहाँ ठहरा कम्पटीशन हमसे. जब हम नयी बुशर्ट पहन कर मेले में जाते […]

Dear America, you need NOTA(None of the Above) more than us

Dear America, you need NOTA(None of the Above) more than us

  So USA presidential elections are round the corner and it’s disappointing to see what unworthy successors Obama has. From a hate mongering Donald Trump to Untrustworthy Hillary, time for you to have NOTA in your electoral roll. Today I wish to write why I […]

SAKSHAAT 7.0: नाम तो सुना ही होगा ..मिलिये द लल्लनटॉप की टीम से

SAKSHAAT 7.0: नाम तो सुना ही होगा ..मिलिये द लल्लनटॉप की टीम से

  जेठ की तपती दुपहरी में मैं नोयडा फिल्म सिटी पहुँचती हूँ, लल्लनटॉप के ऑफिस. एक खुशनुमा सा इनफॉर्मल सा ऑफिस जिसमें बीच बीच में “अरे ये पीस ठीक है क्या” के साथ ठहाकों की आवाज़ सुनाई देती है. लल्लनटॉप के सरपंच सौरभ से बातचीत […]