सैराट में ऐसा क्या नया है जो तुम्हें परेशान कर रहा है?

सैराट के बारे में बहुत सुना, बहुत पढ़ा पर फिल्म के ख़त्म होने पर मैं निराश थी।मैं तो गयी थी “आखिर में जीत प्यार की ही होती है” देखने और ये क्या फिल्म ने तो वही दिखा दिया जो इस देश के गाँव- खेड़ो, हुक्का –पानी वाली सरपंचों, वैवाहिकी वाले कॉलम और फेसबुक वाले शहरों […]

अपनी माँ का चेहरा मैं अब भूल गयी हूँ………

बात कुछ साल पहले की है.मदर्स डे और उस सभी की तरह सारे “दिनों” का बुखार तभी तभी चढ़ा था। हमने सोचा यही तो मौका है बताने का कि “माँ कितना प्यार करते हैं तुझसे “( भले ही दो दिन पहले एक दोस्त के जन्मदिन के यहाँ जाने को लेकर इतना घमासान हुआ था कि […]