एक वो होली होती थी गली के आशिकों वाली

  आजकल की होली भी कोई होली है, एक होली मिलन का गेट टूगेदर होता है , टीका लगाया जाता  है, डीजे वाले बाबू गाना बजाते हैं ” मैं तो तंदूरी मुर्गी हूँ यार , गटका ले ज़रा अल्कोहल से” और सब अंग्रेजी में “Happy Holi” कह कर happy हो जाते हैं।  ये भी कोई […]

लो जी हो गया पोटली बाबा का पोपो

हम चले थे बड़ी दुनिया देखने, लाइन भी एकदम पकड़ कर लाये थे ज़बरदस्त “ शहर-ए-जानां से परे भी कई दुनियाएँ है “, कुछ चलना था, बहुत लिखना था और लो हो गया पोपो। हुआ यह कि कुछ महीनों पहले एक मेल आया कि भाई एक “वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल” जैसा कुछ हो रहा है, आप […]