ज्यादा भोकाली में निकल जाती है ऐसी बात

पिछले कुछ दिनों में “द टेलीग्राफ “ पेपर ने आतंक मचा रखा था अपने क्रिएटिव हेडलाइंस से। देश जब अभिव्यक्ति की आजादी बनाम देशद्रोह के नित नये रंगों क देख रहा था तब चाहे PATRIOT हो या फिर “क्यूंकि मंत्रीजी कभी स्टूडेंट नहीं थी” जैसे हेडलाइंस के साथ “द टेलीग्राफ” ने जॉर्ज ऑरवेल के उस […]