यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

यादों की निर्जन बस्ती में,पोटली लिए फिरा करती है झुमका,रिंग, हँसी,काजल,इमरोज़ के इश्क से इश्क करती है

Month: January 2016

Why i can’t travel light

Why i can’t travel light

Why I can’t travel light Stuffing my luggage up to the brim I still wonder what else could I need Everyone advises to travel light And the unknown adds up the plight What if I need a word of solace A hug, a kiss And […]

माँ ने कुछ सिखाया नहीं क्या ………..

माँ ने कुछ सिखाया नहीं क्या ………..

आज अखबार में खबर पढ़ी कि एक महिला समूह शनि शिंगणापुर मंदिर में 26 जनवरी को उस सालों पुरानी परंपरा को तोड़ने की तैयारी कर रहा है जिसमें महिलओं का उस चबूतरे पर जाना वर्जित है जहां शनि पत्थर स्थापित है।पिछले साल नवंबर महीने में […]

तो आखिर ग़ालिब छूट ही गयी शराब ………….रविन्द्र कालिया (1939–2016)

तो आखिर ग़ालिब छूट ही गयी शराब ………….रविन्द्र कालिया (1939–2016)

कुछ दिन पहले सत्यानन्द निरुपम के फेसबुक वाल पर रात के एक बजे पढ़ा कि कालिया जी की अस्वस्थता की खबर चिंताजनक है.उस रात सोते हुए मैंने एक छोटी प्रार्थना उनके स्वाथ्य के लिये की.याद आया पटना में हुई उनसे छोटी मुलाकात और उनके मजाकिया […]

I am discarding

I am discarding

I am slowly discarding The notion of love fed to us When the cupid strikes And butterflies fly The letters with sweet sugary words The one with tall promises To bring down the stars The long calls The slow morning walks Passion into lust Desires […]

पुष्कर ,पंडित और PALMISTRY

पुष्कर ,पंडित और PALMISTRY

अभी हाल में ही पुष्कर की एक आकस्मिक यात्रा पर गयी.पुष्कर का पूरा अस्तित्व ही जिस तरह एक ख़त्म हो चुकी कहानी से जन्म लेता है, यह मुझे बहुत आकर्षित करता है. ब्रह्मा के होने और ना होने के बीच खड़ा है पुष्कर.यह क्या खुद […]