मेरा हीरो बूढ़ा हो चला है

हम सब के हीरो होते हैं, हमारी जिंदगी के वो हिस्से जिस पर हमारा हक होता है, वो शख्स जो हमें भरोसा दिलाता है कि उसके होने भर से ही सब कुछ ठीक हो जायेगा। एक बरगद का पेड़ मेरा हीरो है, जहाँ मैं भाग कर जाती हूँ जब कुछ ठीक न हो, जिसके पीछे मैं छुप जाती थी जब हॉरर मूवीज़ के उन स्टुपिड भूतों से मुझे डर लगता था, एक ऐसा बरगद जहाँ पहुँचकर गलतियों  का स्कोर ज़िरो हो जाता है, एक ऐसा हीरो जिसकी छाँव ज़िदगी की कड़ी धूप से बचा कर रखती है। 
हॉस्पिटल का कमरा है, मैं अंदर जाने के लिये दरवाज़ा खोलती हूँ तो पीछे से एक गार्ड की आवाज आती है “ये आईसीयू है, जनरल वार्ड नहीं कि जब मन करे तब चले आओ” हॉस्पिटल, जहाँ मेरा बरगद है, हॉस्पिटल जो याद दिलाता है कि मेरा हीरो बूढ़ा हो रहा है।

पापा कमरे में आ गये हैं, एक लंबी रात है हमारे बीच में। पापा को अपनी लिखी कहानी सुना रही हूँ, ये एक रोल रिवर्सल है जो मुझे पसंद नहीं क्यूँ कि मेरा हीरो बूढ़ा हो गया है। पापा कहते हैं नर्स से कि मेरी बेटी प्रैक्टिकल है, डॉक्टर है ना, वो रोती नहीं , बड़े होने के इस पूरे प्रोसेस में हम झूठ बोलना सीख जाते हैं, अपने हीरो के सामने रोना भी किसे पसंद होता है।

अपने हीरो को बूढ़ा होते देखना भयावह होता है, अपने बरगद को खुद पर टिकाने के लिये आप कभी तैयार नहीं होते, ना एक डॉक्टर का मास्क लगा के ना बड़े होने का। आप भी सोच रहे होंगे कि मैं ये सब क्यूँ लिख रही हूँ, लिख रही हूँ क्यूँकि नास्तिक होने के नाते मेरे पास “ऊपर वाला सब ठीक कर देगा ” वाली सबसे ओवरयूस्ड लाईन नहीं है। लिखना मेरा escape point है, लिखने से मैं खुद को बचा ले जाती हूँ।

बड़े होने का एक हासिल यह भी है – लिखना और सब ठीक है ऐसा सोचना। पर हॉस्पिटल की वेटिंग में लिखी इस बकवास का एक सच यह भी है कि मेरा हीरो बूढ़ा हो रहा है।

5 Replies to “मेरा हीरो बूढ़ा हो चला है”

  1. बहुत सुन्दर लिखती हो, अपने इमोशन्स को शब्दो में पिरोना बहुत बड़ी कला है! बधाई हो

  2. Such heart touching.
    Sari lines mein, I can connect to my father.
    I loved it and recalled the Incident in hospital room with my Bargadh
    He too was saying to nurse about my profession and how strong how i am at young age
    And i had in heart the same thing that I am helpless I cant cry and make him weak

    God bless your papa 🙂 and you both.

    I love the way you write personal experience.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *