Hey BRO AIB…..There is something called Adult Woman……ouch you forgot that

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Diyar AIB Dudes

I just saw your “Adulthood in 100 seconds” video and whoa till the 99th second I was waiting that will you atleast show a snippet of a girl attaining adulthood. You understand that na? No? That happens, too much of “Yo bro” and all the cuss words make you forget that an adult woman is also in real. See how can you even  forget us yaar, all the cuss words start from Maa and end at behan.

Chalo koi nahi, I will tell you. Beyond your beer, weed, maa calling, condoms & ipills we the girls too have some adult woes: the menstruation, cramps,mood swings and all the hush hush talk about it. Adulthood comes to us with people advising us to “atleast take a dupaatta” or whispering in our ears “Indira Gandhi is out” (That refers to the exposed bra strap).Adulthood brings with it some sweetheart girlfriends which bond over  the late night talks in hostel rooms and the mandatory spilling out of our dark secrets.

It may disappoint you dude but we the adult women are much more than A calling mother, An ex to block, a girlfriend with ipill, a nagging wife and the spoilt diapers. Actually we too have work woes on Mondays, we too pay EMIs, we struggle hard to maintain balance between an incoming salary and online shopping packages. Very very sorry to say that we can hold that beer mug too instead of just a ring. We do party, we smoke, we have a life other than calling you cool dudes in your boys night out.

Dude, you have no idea that we too have a mom who tells us over phone “Shaadi kab karna hai” “tumhare saare friends settle ho gaye hain”, “shaadi karna bhi jaruri hai” “Had me raho apni” and yes how did I forget all the aunties that remind us of a time bomb called biological clock.

Our adulthood also comes with eve teasing, being called “Aaye haaye kya maal hai”,” Chalegi kya” with that irritating sound of kiss in air that we always come across in public places, with an online abuser that sends us obscene images of you know what……..The bro things. I seriously don’t have any problem with your idea of adulthood but the snippets where adult woman come for once or twice seriously reeks of sexism.

A man……. I repeat a man once said: It’s hard to practice what you preach. With all that feminist bashing you have been doing and the kickass videos you have been making, this one was downright sexist. Adulthood comes to girls too and they too turn into one hell of a woman. You skipped that conveniently.

P.S- Bad mockery of Buzzfeed’s video “Your childhood in 100 seconds”.

With Love

An adult Woman

You can watch their video here:

 

हम चुप रहे …………..हम हँस दिये

 

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आज यहाँ पर आखिरी दिन है,जाहिर है यहाँ से जाने का मन नहीं कर रहा है आज की घूमने की लिस्ट में एक मंदिर( हाँ मंदिर आपको दुनिया के हर कोने में मिल जायेंगे), एक म्यूजियम और झील के किनारे बसा एक खूबसूरत बुक शॉप है।

तो अब कारवां यहाँ से आगे बढ़ेगा ।पिछले कुछ दिनों से ठीक से सो नहीं रही।मेरी एक अजीब सी आदत है, मैं कहीं फिर रही होती हूँ तो नींद में भारी कटौती करती हूँ।वो कहते हैं न “Not Drifting away from the moment”, बस इसी non drifting का सीधा- सादा तरीका है- जितना हो सके शहर को कैद कर लो, तस्वीरों में नहीं, ज़िन्दगी में।इस जगह दोबारा वापस आना शायद मुस्तकबिल में ना हो, नींद तो कभी भी पूरी की जा सकती है ।.

सुबह उठ कर मैं गेस्ट हाउस के लॉन में टहल रही हूँ ।यहाँ पर लोग बड़े बड़े आलीशान लकड़ी के घरों में रहते हैं,10 कमरों वाले चाहे रहने वाले 2 ही हों।ये सभी घरों में नहीं, रास्तों में अक्सर दौड़ते मिल जायेंगे ।यहाँ सभी को फिट रहने का शौक है।

सामने के गेट से बिलाल आता दिखाई देता है। पूछता है कि आज कहाँ जायेंगी मैडम ।मैं बताती हूँ कि आज क्लोजिंग सेरेमनी के बाद मैं पैदल ही घूमूंगी, आज मुझे टैक्सी नहीं चाहिये।बिलाल कहता है कि शमी (उसकी बीवी) मुझसे बात करना चाहती है. वह फ़ोन लगाकर देता है, मैं शमी का हाल चाल लेती हूँ। शमी मुझे घर आने का कहती है, मैं वादा करती हूँ कि अगली बार ज़रूर आऊँगी। यह “अगली बार” भी अपने में कितना अजीब शब्द हैहम अगली बार के लिये कितना कुछ छोड़ रखते हैं, और हर नये अगली बार के साथ पुराना अगली बार पीछे छूट जाता है.शमी पूछती है कि “मैडम आपकी शादी हो गयी ?” मैं बताती हूँ कि नहीं , जानती हूँ कि फ़ोन के अगले तरफ बैठी शमी को ये सुनकर थोड़ी टेंशन हो गयी होगी.

अरे बिलाल यहाँ के खाने में क्या स्पेशल है? सबसे अच्छा रेस्तरां बताओ।

मैडम इंडियन फ़ूड खायेंगी, वेजीटेरियन फ़ूड?

अरे इंडिया में जाकर इंडियन फ़ूड ही खाना है बिलाल, यहाँ का कुछ बताओ।

बिलाल मुझे एक रेस्तरां का नाम बताता है। मैं उसको ढूँढने के लिये फ़ोन का GPS खोलती हूँ।बैटरी कम का निर्देश आता है।कल रात तो पूरा चार्ज किया था, मैं सोचती हूँ ।फिर ध्यान जाता है कि व्हाट्सएप के ग्रूप्स में 1080 मेसेज हैं।मैं खीज उठती हूँ, स्मार्ट फ़ोन के उपयोग के कितने अनस्मार्ट तरीके ।मैप निकालती हूँ, बिलाल समझने में मेरी मदद करता है, ये पेपर वाला मैप है जो मुझसे कहता है “ बेटा जब तुम पैदा भी नहीं हुये थे तब से हम डायरेक्शन दिखा रहे हैं.”।

बिलाल विदा लेता है, अभी कुछ दिन पहले लिया हुआ एक झुमका मैं बिलाल को देती हूँ कि शमी को मेरी तरफ से दे देना. वह शुक्रिया कहता है और याद दिलाना नहीं भूलता कि गाड़ी की जरुरत पड़े तो मैं गार्ड को बता दूँ,वह उसे फ़ोन कर देगा.दुआ सलाम कह कर वो निकल जाता है और मैं अपनी किताब में खो जाती हूँ.

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थोड़े देर बाद बिलाल वापस आता दिखाई देता है हाथ में कुछ खुले पैसे दबाये .

वह उसे मेरे सामने रखे टिया टेबल पर रख देता है.

यह क्या है बिलाल.

मैडम आप जिस भी रेस्तरां में कल से खा रही हो या कहीं कुछ खरीदने गयी तो हमे कमीशन मिलता है उस जगह से आपको लाने के लिये। आपसे नहीं ले सकता मैडम, ज़मीर नहीं मान रहा।

मैं उससे कहती हूँ कि यह उसके काम का हिस्सा है.वह वापस न करे।वह नहीं मानता और पैसों को छोड़कर मेरे वालिदान को सलाम भेजकर चला जाता है।

मैं बिलाल को जाते हुये देखती हूँ, कमीशन न लेने वाले बिलाल को, आज़ाद कश्मीर से आते उम्मीदों  के गुलाम बिलाल को, अपने को इस मुल्क का बाशिंदा कहने वाले बिलाल को और फिर मैं देखती हूँ टेबल पर पड़े कुछ रुपयों को. मैं न कहती थी कि ये दुनिया बहुत खूबसूरत है।

आज मैं एक मंदिर देखने जाती हूँ ।यहाँ की हिन्दुओं की कम्युनिटी ने एक माता का मंदिर बना रखा है।कुछ इक्के दुक्के लोग दिखते हैं मंदिर में हाथ जोड़े, सर झुकाये। हर एक को लग रहा है कि उसकी दिक्कत दुनिया की सबसे बड़ी दिक्कत है और इस बार मेरी फरियाद ज़रूर पूरी होगी।इस दुनिया की सबसे बड़ी उम्मीद का नाम है भगवान.यहाँ कोई नहीं कहता कि “read the offer documents closely before investing”।चाहे करोड़ों लोग बेघर होकर,रिफ्यूजी बनकर टेंट में, कैंप में रह रहे हो पर भगवान् को एक अदद घर मिल ही जाता है।

और ये लो मुझे यहाँ, यहाँ पर एक साधु बाबा दिखाई देते हैं.चाहे आप कितने बड़े घुमंतू हों, साधुओं जैसा आपको ट्रेवल आइकॉन नहीं मिलेगा। चिलम पीते, गंजा लगाये हर हर महादेव का गान करते ये globetrotters आपको यवतमाल से लेकर यूरोप में मिल जायेंगे।

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कबीर ने कभी साधुओं के लिये कहा था :

“जाति न पूछो साधू की

पूछ लीजियो ज्ञान”

इन फक्कड़ स्टोंड साधुओं के लिये कबीर कहते :

जाति न पूछो साधू की

पूछ लीजियो कहाँ रखा है माल”

अब वापस जाना है, एअरपोर्ट 300 km दूर है। कार में हम चार लोग एअरपोर्ट जा रहे हैं।बाहर कटे हुये पहाड़ों को देखते देखते मैं बोर हो जाती हूँ, पीछे देखती हूँ कि सब अपने फ़ोन पर लगे हुये हैं। सब अकेले अकेले अपने फ़ोन पर।इन्हीं जैसे प्राणियों के लिये अज्ञेय ने कहा होगा “सब अलग अलग एकाकी पार तीरे” मैं ड्राईवर से पूछती हूँ कि यहाँ के लोक संगीत के बारे में कुछ बताये, ड्राईवर कहता है कि अब कोई लोक संगीत नहीं सुनता , सब रॉक वाले हो गए हैं । मैं उसे बताती हूँ कि वैसे तो हम भी Adele को सुनते हैं पर हमारे यहाँ शादी-ब्याह, व्रत, मुंडन हर वक़्त के लिये गाने हैं।पीछे बैठे एक सज्जन कह उठते हैं कि रबीन्द्र संगीत जैसा कुछ नहीं, मैं भोजपुरी गानों की वकालत करती हूँ, कोई पाकिस्तान कोक स्टूडियो को श्रेष्ठ बताता है। और फिर वो ड्राईवर हमे अपना फोक सोंग सुनाता है गाकर।

यही तो उद्देश्य था- हम अपनी संस्कृति पर तब ज्यादा गौरवान्वित होते हैं जब दूसरा हमे कमतर बताता है, हम लड़ते हैं कल्चरल सुप्रीमसी के लिये (इसके लिये मैं गुरुदेव टैगोर से माफ़ी मांगती हूँ )। ड्राईवर बीच में गाना रोककर बताता है कि इस गाने में प्रेमी अपनी प्रेमिका को बुलाना चाहता है मिलने के लिये और गाँव के चौक पर उसी की चर्चा चल रही है ।मैं उससे कहती हूँ कि वह गाना ज़ारी रखे, संगीत को कबसे भाषा की जरुरत पड़ गयी.गाना ख़त्म होने के बाद सब ताली बजाते हैं, फ़ोन साइड में पड़े हैं अब।

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मैं उसे बताती हूँ कि बिलकुल ऐसी ही एक ग़ज़ल जगजीत सिंह की भी है

“कल चौदहवी की रात थी

शब् पर रहा चर्चा तेरा

कुछ ने कहा वो चांद है

कुछ ने कहा वो चेहरा तेरा

हम भी वहीँ मौजूद थे

हम से भी सब पूछा किये

हम चुप रहे, हम हँस दिये

मंज़ूर था पर्दा तेरा”

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अब जब जगजीत सिंह आ ही गए हैं तो मैं बाहर देखने लगता हूँ, जगजीत सिंह हर सिचुएशन में आ ही जाते हैं। ऊपर आसमान की ओर देखती हूँ और सोचती हूँ “ बड़ी जल्दी थी गुरु जाने की, खूब महफ़िल जम रही होगी ऊपर”।

एअरपोर्ट पहुँच कर सिक्यूरिटी चेक के लिये जाती हूँ। वहां एक सिक्यूरिटी पर्सन पूछता है

“Are you travelling alone?

हम चुप रहे …………..हम हँस दिये।

P.S.- पोटली बाबा की में हम आपको ये नहीं बतायेंगे कि कहाँ जाना है, क्या करना है।हम आपको मिलायेंगे उन लोगों से जो एक शहर को जिंदा रखते हैं पर शहर का चेहरा कभी नहीं बन पाते, हम आपको सुनायेंगे कोई ऐसी कहानी जो आम इंसानों से निकलती है।क्यूंकि दुनिया बहुत खूबसूरत है।

दो फ्री की कॉफी और बनारस

कल से अपनी ट्रैवल डायरी साझा करने को लेकर पशोपेश में हूँ। हम किसी के लिये क्या करते हैं, इसका सर्टिफिकेट दिये बिना क्या हम अपने अनुभव नहीं बाँट सकते?  क्या कुछ देकर ही कुछ लिया जा सकता है?  अगर बिना कुछ दिये हमें बहुत कुछ मिल जाये तो?
आज एक बेहतरीन रेस्तरां के सामने से गुज़री। पहाड़ों की तलहटी पर बना यह रेस्तरां कहानी की किताबों से निकला हुआ सा लगा। मैंने अपने बजट का अनुमान लगाया। अंदर से आवाज़ आयी बिल्कुल सीधा चलो यह तुम्हारे औकात से बाहर है। मुझे पता था कि इस जगह कॉफी पीना मतलब दो दिन का बजट बिगाड़ लेना पर दूर तक फैले औरचिड और पहाड़ों के सिरहाने बैठ कर कॉफी पीने का मोह मैं नहीं छोड़ पायी।

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मैं अंदर जाती हूँ और मैनेजर मुझसे पूछता है कि क्या आप open air buffet लेंगी। यहाँ लगे बफे पर कुछ खाया तो अपने गहने बेचने पड़ेंगे (और गहने मेरे पास हैं भी नहीं)। मैं मुस्कुराकर कहती हूँ “Can I have one coffee please ”
वह मुझे एक टेबल की ओर इशारा करता है। मैं बैठती हूँ और आसपास की सुंदरता में खो जाती हूँ। एक वेटर को कहती हूँ “Can you take a picture of me please ”

वह पलटता है और उसके नेम टैग पर “वाहिद “लिखा है। मैं और मेरे coincidences। अब तो भाड़ में गयी किताब।

कहाँ से हो वाहिद?

आजमगढ़ से मैडम। आप कहाँ से हैं?

अरे हम तुम्हारे पड़ोस से हैं वाहिद, आओ बैठो।

नहीं मैडम मुझे परमिशन नहीं है। आप आराम से कॉफी पी लिजिये।

मैं मैनेजर के पास जाकर पूछती हूँ “Do you mind if I buy him a coffee and have a little chat with him ”
मैनेजर ना में सर हिलाता है। हमारी कॉफी आ जाती है और अंग्रेज़ी बाहर निकल जाती है। हम हिंदी में बात करते हैं और अब यूरोपियन से एसेंट भोजपुरी हो जाता है। वाहिद शरमाते हुये अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बताता है और कहता है कि अगली ईद में शादी करेगा।

वाहिद मुझे बनारस की किसी शादी का किस्सा बता रहा है, उसकी आँखें चमक रही हैं, मुझे एक बार आधी रात को पापा के साथ गंगा पर नाव से जाने की याद हो आती है। घर का एक फ्लैश आ जाता है आँखों के सामने।

वाहिद को अलविदा कह मैं उठती हूँ और बिल देने काउंटर पर जाती हूँ। मैनेजर कहता है “Your coffee is complimentary from our side madam “।मैं मना करती हूँ, वह नहीं मानता और वाहिद की ओर देखकर कहता है “He seems happy today “।मैं शुक्रिया कहती हूँ  वह उसे थैंक्यू समझ कर रख लेता है।

आज का दिन अच्छा गया। मैं बाहर निकलती हूँ और बाहर बैठी अंग्रेज़ी को चलने के लिये कहती हूँ। पीछे पलट कर देखती हूँ तो वाहिद बाय कर रहा है और उसके पीछे खड़े हैं मेरी हिंदी, दो हँसी और बनारस। ठीक से दिखता नहीं पर मुझे पता है कि वे मुस्कुरा रहे होंगे।

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वाहिद के साथ सेल्फी

Postcard from P: Dear Women, You are doing it all wrong

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Scenario 1: The movie called Waiting where Kalki’s husband has met with an accident and is in coma, a newly wed she is so emotionally shaken that she does not understand why it happened with her in the first place and when she does realize that it has actually happened she breaks down. Comes husband’s bag from the police station and she switches on the phone to find 32 messages with some Kiran.

Comes Day 2, the grief stricken wife who was not able to breathe a day earlier turns into “Were they sleeping together! Was that bitch f***ing my husband!” avatar and gives a damn about the husband that is in coma. Later that kiran turns out to be a man…………:-) yes a man.

Scenario 2 : A friend goes on to meet a school friend on coffee. The guy and his wife have recently shifted to Goa and are columnists with a leading newspaper. This journo couple are known for being “an ideal” couple. So this friend asks his friend “Wow you have shifted to Goa, I can come over anytime if I plan to travel.” To this the male friend jumps and says “ No, don’t even think about it. Shilpa (his wife) is paranoid about me talking to any girl. Marriage sucks, you should know it”. My friend came from the coffee shop and when I asked “How was the meet up”. She replies “BLOCKED”.

Scenario 3 : A friend who is at the one of the most prestigious administrative services and almost got a viral stature for his progressive symbolic act of ending discrimination of a woman by society completely goes offline as soon as he steps inside his home as his wife checks his phone at any random time and he never knows what she may pick up to start an altercation. He does not want to “get caught” and we wonder if this check mechanism is what a marriage has turned into.

 

These are the educated, rational women we are talking about. Dear women: What the hell is wrong with you? We’ve all most likely been at one or the other ends of this scenario; we’ve either been the worrier or been with the worrier. Chances are, we’ve actually experienced both.But do you realize this kind of insecurity is toxic to the relationship. the very acting out of our insecurities can push our partner away, thus creating a self-fulfilling prophecy. Because this struggle is so internal and most of the time even independent of circumstances, it’s important to deal with our insecurities without distorting or dragging our partner into them.

Relationships shake us up. They challenge core feelings we have about ourselves and evict us from long-lived-in comfort zones. They tend to turn up the volume of our inner voice and reopen unresolved wounds from our past. If we felt abandoned as a child, the aloof behavior of a romantic partner does not mean he is going to abandon you. If you have witnessed a troubled childhood, it doesn’t mean that acting as a phone or internet police will act as a preventive measure.

Just remember “Prevention is better than cure” is not an explanation for your paranoid insecurities, so stop using them. I am sorry if your husband was once a cheater, if he wants to cheat, he will anyhow do that. So kick that asshole and move out but don’t make your partner’s life hell by “What if he cheats” loop in your head.

There is no “ Aww” relationships nor are their any working model except one key word – Understanding and Respect. Don’t undermine the very fundamental of a beautiful relationship. As hard as it may feel to connect our contemporary reactions with a behavior pattern, it is an invaluable tool for getting to know ourselves, and ultimately, for challenging behaviors that don’t serve us or even fit with our real, adult life

We all have an “inner voice” that says “OMG! I think he is cheating on me”, don’t let it overpower you. The goal of any relationship should not to get into a “S” size LBD to keep his interest intact. You are a goddamn person and not a season of game of thrones to keep his interest intact. People with low self-esteem not only want their partner to see them in a better light than they see themselves, but in moments of self-doubt, they have trouble even recognizing their partner’s affirmations. In other words, we shouldn’t forego essential parts of who we are in order to become merged into a couple.

Snooping through their text messages, calling every few minutes to see where they are, getting mad every time they look at another attractive person – these are all acts that scream of reassurance. Remember this kind of attitude comes from within, and unless we can overcome them within ourselves, it won’t matter how smart, sexy, worthy or attractive our partner tells us we are.

When was a relationship meant to be between equals. It’s marriage and not a voting right.We have to accept that our partner is an individual, a separate individual. We don’t always express our love in the same way. This doesn’t mean we should settle for someone who doesn’t offer us what we want in a relationship, but when we do find someone who we value and love, we should try not to enter into a “I am watching you” relationship.

When we love someone and allow us to be loved, the emotional invest brings with it insecurities but trust is one big word. When we don’t let our insecurities make us do something that we ourselves don’t respect, relationship is one happy journey. What would be the worst possible thing – He will cheat.

No my lovely ladies,”Men are polygamous” statement is just another sentence that says “I have to tolerate his bull shit”.  Get rid of that negativity and you will find you growing within. No time is wasted, never are the emotions wasted that taught us to love, that showed how vulnerable we can be and that made us learn a lesson or two.

So have a rocking marriage ladies and men, you can thank me later.

P.S.- The feminist brigade can start an attack on me now.

Love

P.

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