सैराट में ऐसा क्या नया है जो तुम्हें परेशान कर रहा है?

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सैराट के बारे में बहुत सुना, बहुत पढ़ा पर फिल्म के ख़त्म होने पर मैं निराश थी।मैं तो गयी थी “आखिर में जीत प्यार की ही होती है” देखने और ये क्या फिल्म ने तो वही दिखा दिया जो इस देश के गाँव- खेड़ो, हुक्का –पानी वाली सरपंचों, वैवाहिकी वाले कॉलम और फेसबुक वाले शहरों में होता है।

एक बच्चा रो रहा है, उसके पैर खून से सने हैं और वह निशान हम पर क्यूँ छोड़ कर जाता है। ऐसा क्या है उस बच्चे के रोने में जो हमें परेशान कर रहा है।क्यूँ हम शादी का कार्ड उठाकर सबसे पहले सरनेम देखते हैं और मुस्कुराते हुये कहते हैं “ इंटर कास्ट है” ।

अर्ची और पर्शिया की खून से लथपथ लाश पड़ी है, कुछ देर पहले आये अपनों ने आशीर्वाद दे दिया है।पर उसमें ऐसा क्या है जो हमे परेशान कर रहा है। बिहार की राजधानी में डॉक्टरों के साथ बैठी हूँ, सिवान के कलेक्टर कि बात चल रही है.चर्चा यह है कि वह UP का यादव है कि बिहार का।एक सज्जन जो अपने को सबसे जानकार मानते हैं वो घोषणा कर देते हैं कि बैकवर्ड है और एक “ संघर्ष से जन्मी सफलता” को हम फॉरवर्ड और बैकवर्ड के खांचों में डाल देते हैं। पर सैराट में ऐसा क्या है जो तुम्हें परेशान कर रहा है ?

दलित लड़का है, पाटिल लड़की है। माँ बाप को लगता है पढ़ेगा लिखेगा तो हमें एक अच्छा जीवन देगा।लड़की के पिता उसे प्यार से बड़ा करते हैं ।लड़की बुलेट चलाती है, हिम्मती है, किसी से डरती नहीं पर उसे ऐसा क्यूँ लगा कि इस आज़ादी की कोई लिमिट नहीं है ।किसने कहा कि आज़ादी तुम्हारा हक है, प्यार करने की आज़ादी, सपने देखने की आज़ादी, अपना कल देखने की आज़ादी, ये कब मान लिया तुमने कि तुम्हें हर आज़ादी मिल गयी हैं. पर सैराट में ऐसा नया क्या है जो तुम्हें परेशान करता है।

दलित कविता पढ़ाते हुये टीचर को पाटिल लड़का इसीलिये थप्पड़ मार देता है क्यूंकि उसने पूछ लिया कि तुम कौन हो? सीनियर पाटिल टीचर को घर बुलाता है ताकि उसे कभी दूसरा थप्पड़ न पड़ जाये. पिता को कुछ गलत नहीं लगता, बेटे का नाम ही प्रिंस है। रॉकी यादव भी हो सकता था. महाराष्ट्र की कहानी है इसीलिए पाटिल है। पर सैराट में ऐसा क्या है जो तुम्हें बुरा लगता है।

अर्ची और पर्शिया पकड़े जाते हैं, लड़के के परिवार को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता हैं, बहुत मार खाते है। किसी दलित की हिम्मत कैसे हुई पाटिल की लड़की से प्यार करने की। इसी देश में एक दलित छात्र आत्महत्या कर लेता है लिखकर कि उसकी सबसे बड़ी गलती जन्म लेना था. पर सैराट में ऐसा क्या है जो तुम्हें परेशान करता है।

वे पकड़े जाते हैं, पुलिस के हवाले दलित परिवार कर दिया जाता है और वही पागल लड़की जिसने आज़ादी को सच समझ लिया था लड़ पड़ती है पिता से, पुलिस से, समाज से। उसे लगता है बहुत आसान है सदियों से पड़ी हुई बेड़ियों को तोडना, जहाँ चार चमाट मार कर घर की इज्ज़त बचा ली जाती है और अगर उसने इज्ज़त को ख़ाक में डाल ही दिया तो ख़त्म कर दो उसे। इसी देश के किसी कोने में, किसी शहर में सबक सिखाने का यह तरीका बिना जातिगत भेदभाव के हर दिन इस्तेमाल किया जा रहा है। शिष्ट भाषा में हम इसे “ऑनर किल्लिंग “ कह देते हैं पर यह तो हर गली मोहल्लों में हो रहा है.इज्ज़त बच जाती है, नाम ख़त्म हो जाते हैं और फिल्म की तरह एक कहानी भी।

पर सैराट में ऐसा क्या है जो तुम्हें परेशान करता है?

P.s- मैंने सैराट मराठी में देखी, मुझे मराठी नहीं आती फिर भी मुझे यह फिल्म झकझोड़ गयी। पता है क्यूँ- सैराट में ऐसा कुछ नया है ही नहीं जो तुम्हें परेशान करेगा।एक चेहरा है बस जो घूरता है तुम्हारी आँखों में बेधड़क, बिना पलक झपकाये और वो आँखें परेशां करती हैं, फिल्म नहीं ।

Corbett National Park: A sojourn with nature

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Image source: Tripoto

Wildlife reserves and National Parks are the best way to have an escape from the mundane urban life. They give you a holiday that is in close encounter with nature, amid the greenery and natural habitat.

Jim Corbett National Park is the perfect for nature tourism. My sojourn with Jim corbett national park was due to a shoot with National Ggeographic Channel.This wildlife park is a paradise for nature lovers. The park forms the natural habitat for a diverse variety of flora and fauna.

Corbett has been thronged by tourists and wildlife lovers for a long time. Jim Corbett National Park is the oldest national park  and was established in 1936 as Hailey National Park to protect the endangered Bengal tiger and is included in Tiger reserve.

Tourism activity is not allowed in core areas of  Corbett Tiger Reserve.. Corbett remains open to tourists only from 15th November to 15th June owing to unfavorable weather conditions.

What makes the park even more accessible for tourists is its easy connectivity to important cities like Delhi by road and rail.  If you are travelling from outside Delhi, you can get  great deals  on International Flights  or  domestic flights at http://www.yatra.com/travel/cheap-air-tickets/. 

State transport buses ply regularly from Delhi to Ramnagar. A direct train also runs from Ramnagar to Delhi. I took the train from Delhi to Ramnagar.We had earlier booked a forest resort in Dhikala. For serious wildlife viewing, Dhikala – deep inside the reserve – is the place to stay.. However, the town of Ramnagar is teeming with various hotels and guest houses which you can book with the help of Yatra.

There are many taxi or car on rent to take you from station to forest reserve. Usually the guest houses will send a taxi if you inform them beforehand. Book a tiger safari with Corbett tourism, the tiger safaris are usually in morning or evening. We didn’t take up a safari because we had camped along side the Ramganga river to sight and shoot a tiger.

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Tiger sightings are not at all easy and come to rest on sheer luck, as the 200 or so tigers in the reserve are neither baited nor tracked. Your best chance of spotting one is during April to mid-June, when the forest cover is low and animals come out in search of water. Apart from tiger sightings the tourists get enticed with the variety of wildlife and birds in grasslands.

The night stay at corbett is usually accompanied with shrill of a herd of wild elephants , sloth bears, langur ,macaques, peacocks, otters and s deer including chital (spotted deer), sambars, hog deer and barking deer. Sighting  leopards, mugger crocodiles, gharials, monitor lizards, wild boars and jackals are also very common.

If you are a game for bird watching, corbett is a heaven for you..

Jim Corbett National Park other than wild safari also consists of a museum. The local villagers have also come out with innovative ideas like a mud thatch or hut with organic farming in backyard in which you can participate for a new experience.

Do visit Jim Corbett for an experience close to nature away from the addictive world of phone and internet and don’t forget to buy a jar of Apricot Jam, they are freshly made and are yummy. Plan your itinery with the help of http: //www.yatra.com/

 

Postcard from P: This one’s for the little Boys

So why do I write this postcard this week to the little boys. A few of my regular readers asked me why not a postcard to Boys and let me tell you there are a few gentleman out there whom I truly respect. This one’s for you Ajay, you know that you are my favorite. 🙂

Dear Little Boys

One fine day you will grow up, grow to an age where family love will be an intrusion, buddies will be your life and you will fall in love with your teacher and then a girl in class who doesn’t talk to you. I won’t be there so let’s leave a postcard behind.

Respect is the word
Thought it’s too young to understand for you the value of respect but from adolescence to being a man, never ever loose respect for yourself and for others. When those hormones sleep (temporarily in your case)  it’s the respect that makes you admire her and isn’t admiration the most beautiful aspect of love.

A NO means a NO
The most crucial part, a NO means only a NO. It does not mean “May be”,  “Shayad “, “She is interested “,”Girls do that “. Remember “Wo Agar paltegi to wo Tujhse Pyaar karti hai ” from DDLJ, let me tell you a secret: Wo paltegi Kyunki she is checking you out or is just reassuring that you are not following her, wo Tujhse Pyaar nahi karti dude.

Be A Man
Finally it all boils down to this. This be a man has nothing to do with a physique or machismo. This be a man is about standing by your partner, fulfilling your commitment, overcoming your fears and being dignified. You will naturally turn into a man one day, be a real one, be a gentleman

Be true to her and be true to yourself. People will value you for who you are rather than the tags you carry. Don’t be afraid to remove yourself from the lives you don’t want to be in, it just takes courage, everything else is bullshit.

Don’t give up. Life is too short to not to be with the person that makes you happy.

Love
P.

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अपनी माँ का चेहरा मैं अब भूल गयी हूँ………

बात कुछ साल पहले की है.मदर्स डे और उस सभी की तरह सारे “दिनों” का बुखार तभी तभी चढ़ा था। हमने सोचा यही तो मौका है बताने का कि “माँ कितना प्यार करते हैं तुझसे “( भले ही दो दिन पहले एक दोस्त के जन्मदिन के यहाँ जाने को लेकर इतना घमासान हुआ था कि मैंने भगवान को जी भर कोसा था कि किसी अमीर माँ बाप के यहाँ पैदा नहीं कर सकता था क्या मुझे)।

गुल्लक को तोड़ा गया और माँ के लिये चूड़ी ख़रीदा मोतियों वाली। एक आत्मसंतुष्टि कि हमने भी हैप्पी मदर्स डे मना लिया।मिडिल क्लास परिवारों की जो माँ होती हैं ना उनका सिर्फ शादी के बाद का वो पत्नी वाला पार्ट ही शहर आता है, रह जाती वो गाँव में ही हैं बिटिया,रानी, लाडो बनकर। इनको मदर्स डे समझ नहीं आता, बच्चों पर बहुत प्यार आता है ऐसा कुछ अलग करने पर और इस दिन को भी वो अपने “बेफिज़ूल खर्चों “ की एक कभी न ख़त्म होने वाली लिस्ट में डाल देती हैं ।ऐसी लिस्ट अमूमन हर घर में, हर माँ के पास होती है और हर जगह एक ही निष्कर्ष – वो तो मैं ही जानती हूँ कि किस तरह घर चला रही हूँ ।

खैर चूड़ी आ गयी, अलमारी में चली भी गयी और संडे के स्पेशल खाने पर मैंने माँ से पूछा “ माँ, आपको नानी की याद नहीं आती?”. माँ थोड़े देर शांत रही फिर कहा:

“ याद तो आती है पर अपनी माँ का चेहरा मैं अब भूल गयी हूँ, कुछ ठीक सा याद नहीं कि वो कैसी दिखती थी “।

निवाला मुहं में ही रह गया।कोई अपनी माँ का चेहरा कैसे भूल सकता है. एक इंस्टेंट हैट्रेड हुई मुझे अपनी माँ से जो अपनी माँ का चेहरा भी भूल रही थी ।लगा कि फ़ालतू में ही गुल्लक तोड़ दिया,फादर्स डे में काम आ जाता।

मेरी नानी माँ बहुत पहले कैंसर से गुजर गयी थीं, तब जब हम पैदा भी नहीं हुये थे। एक वो भी दौर था जब स्टूडियो जाकर शर्माते हुए, संकुचाते हुये, सर पर पल्ला डाले स्त्रियाँ अपने पति के साथ अपने जीवन की एकमात्र ब्लैक &वाइट तस्वीर खिंचवाती थीं।मेरी नानी माँ उस दौर से पहले ही गुजर गयी।मामी बताती हैं कि उनके मरने के बाद क्रिया कर्म के लिये उनकी एक तस्वीर नाना के मेमोरी के अनुसार बनाई गयी थी। हाँ एक ऐसा भी समय था।

आज जब हम हर मोमेंट को तस्वीरों में कैद करते हैं, हर दिन सेल्फी लेते हैं, एक अच्छी कॉफ़ी पिया, चलो सेल्फी, किसी जगह गये, लो सेल्फी तो हम कोशिश कर के भी किसी को भूल नहीं पाते।ज़िन्दगी तो नहीं रूकती पर भूलना कितना जरुरी है जीने के लिये।किसी रिश्ते का टूटना, किसी का चले जाना, कुछ ख़ास गुम हो जाना, कोई ऐसी बात जो हमें चुभती है अगर हम उसे भूल जायें तो? क्या कितना आसान नहीं होगा फिर से मुस्कुराना, फिर से आगे बढ़ना, फिर से ख़ुशी ढूँढना, फिर से जीने के नये बहाने ढूँढना ।पर ये वक़्त बेवक्त की इतनी सारी तसवीरें जो हमारी खुशियों को फ्रीज कर रही हैं क्या इन सब के ख़त्म होने के बाद किसी unseen pain, किसी आह, किसी टीस के लिये हम  पूरा साज़ो-सामान तैयार नहीं कर रहे? अब आसान नहीं है भूलना, अब आसान नहीं है जीना।

क्यूँ ना आज मदर्स डे पर हम मदर को सेलिब्रेट करें, न डे को और  न तस्वीरों को।

P.S.- अगर मैं एकदम माँ जैसी दिखती हूँ, तो माँ नानी जैसी दिखती होगी और नानी अपनी माँ जैसी …..शायद. दिल को खुश रखने के लिये ये ख्याल अच्छा है।सभी एक जैसे दिखने वाली माँ- बेटियों को भी हैप्पी मदर्स डे।

This post has been written in association withBlogchatter and Chaipoint for their Mothers Day Specia

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Postcard From P: Let’s Talk Excuses

Dear Little girls

One day you all will be grown up and I won’t be around. Everyone won’t understand your journey and sweetheart it’s not meant to be. You have to definitely understand your journey and how you ended up hurting yourself because of an Asshole.

The excuses, oh the glorious excuses, everyone has them. Everyone who can not face their fears have them. Everyone who is a douchebag has them.

Someone in family falls sick just because you try to fulfill your commitment: Laugh out loud, this is the most common type. From great grandparents to parents anyone can fall sick, refuse to smile unless and until you announce “I broke up “. Dude get some better excuses…… I mean seriously.

Siblings waala emotional bahana-Behan ki shaadi to bhai ki Padhai. Very convenient. You may go ga ga over how an ideal brother he is but the fact is he may actually be buying time while you were busy planning wedding.

I come from a small place: But then who the hell has landed up from Los Angeles. Your small place values allow you to date, allow you to promise but then don’t allow you to commit. Your values are quite crooked up man (Sorry for the adjective,Arey not the crooked up one, the “man ” actually ).

It’s not Easy, It never was: Now you make some sense. It’s easy to take an easy path. But then it’s you who is not even expected to do something worthwhile .

Society: Gosh my sweetheart stay away from such a man. He who gives society as an excuse is the most disgusting among all. The last thing you need in life is a man who is the product of his circumstances rather than his decisions…. and this product is a NO! NO! I fall short of words to describe this excuse, it can only bring out WTF!!

But listen don’t stop trusting people, don’t stop trusting strangers and never stop trusting yourself.You do break down, you have your bouts of depression, you feel suicidal and you feel like ending it all, but then you do fight back. Punch it out again. It takes so much. But gives you back one thing that is more precious than anything and everything else in this world- the ability to live your life YOUR way!

Don’t be in a rush to figure everything out, don’t be in a rush to doubt everything, embrace the unknown and let the life surprise you.

Love

P.

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