पुष्कर ,पंडित और PALMISTRY

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चित्र साभार : pinterest.com

अभी हाल में ही पुष्कर की एक आकस्मिक यात्रा पर गयी.पुष्कर का पूरा अस्तित्व ही जिस तरह एक ख़त्म हो चुकी कहानी से जन्म लेता है, यह मुझे बहुत आकर्षित करता है. ब्रह्मा के होने और ना होने के बीच खड़ा है पुष्कर.यह क्या खुद में एक बहुत बड़ी irony नहीं है कि सृष्टि के रचयिता की सृष्टि पुष्कर की झील और चार पहाड़ियों के बीच सिमट कर रह गयी है.

दिसम्बर का महीना जब अरावली की पहाड़ियां कोहरे की शाल ओढ़ लेती हैं, पुष्कर एक अविस्मरणीय दृश्य क्रिएट करता है. एक छोटी सी झील और उसके किनारे लगे करीने से मंदिर, कपड़ों और कम्फर्ट से बेफिक्र फिरंग और ध्यान लगाते साधु, पुष्कर में ब्रह्मा जी के दर्शन मिले ना मिलें, यह तो ज़रूर दिखेंगे.

ऐसे ही एक पंडित जी से मुलाकात हुई, जीजाजी ने बताया कि पंडित जी एक बहुत फेमस ज्योतिषी हैं. हाथ की रेखाओं को पढ़कर जीवन का पूरा लेखा जोखा बता देंगे. यूँ तो मैं नास्तिक होने का दावा करते अक्सर दिख जाउंगी पर भविष्य कैसा होगा, क्या होगा इस मोह माया से कौन कब विरक्त हो पाया है. तो यहाँ सुनिए पंडित जी की भविष्वाणी सिलसिलेवार ढंग से. हस्तरेखा विज्ञान से तो दूर दूर तक पंडित जी का कोई लेना देना नहीं हैं, पर पंडित जी थे बड़े होशियार, घाघ किस्म के, यूँ ही वो अजमेर के प्रतिष्ठित ज्योतिषी नहीं बन गए.

पंडित जी – आईये हिंदी में पढूं या shall I tell you in English?

बेवकूफ बनती ग्राहक – हिंदी में ही बताइये, अंग्रेजी में थोडा कम समझ आता है मुझे.

पंडित जी ने हाथ को पूरे २ मिनट ४० सेकंड देखा, हाथ बंद करवाये, खुलवाये ऊपर करो,नीचे करो

बेवकूफ बनती ग्राहक (मन में ) – पंडित जी तो बहुत ग्यानी लगते हैं

पंडित जी- अच्छा बताऊँ की बुरा ?

बेवकूफ बनती ग्राहक ( बुरा जो देखन मैं चला की मुद्रा में ) – सब बताइये पंडित जी.

पंडित जी- देखिये आप अपने बारे में किसी के भी ओपिनियन को दिल पे लेती हैं, इससे आपका ही नुक्सान होता है, आपका समय खर्च होता है.

बेवकूफ बनती ग्राहक (मन में ) – ये भविष्य वक्ता है कि फिलोसोफेर.

पंडित जी- उम्र लम्बी है आपकी

बेवकूफ बनती ग्राहक (मन में ) – खुश रहती हूँ लम्बी उम्र तो होगी ही.

पंडित जी- स्वास्थ्य की कभी कोई दिक्कत नहीं होगा

पंडित जी – अरे पंडित जी मेरा और बीमारियों का बड़ा पक्का वाला इश्क है, वो जाती नहीं कभी मुझे छोड़ कर.

पंडित जी- विवाह उत्तम होगा, 24 – 26 के बीच हो जायेगा

बेवकूफ बनती ग्राहक- उत्तम तो होगा ही, अच्छी खासी हूँ देखने में ;-)पर मैंने तो 26 की उम्र पार कर ली है .

पंडित जी – ओह! (हाथ को ध्यान से देखते हुए) 34 तक तो अवश्य हो जायेगा.

बेवकूफ बनती ग्राहक- अब 34 तक नहीं होगा पंडित जी तो क्या ही होगा उत्तम विवाह.

पंडित जी- पढाई आपकी मास्टर्स लेवल की होगी.

बेवकूफ बनती ग्राहक- पर मैं तो सिर्फ ग्रेजुएट हूँ

पंडित जी- मतलब आपका ज्ञान, IQ लेवल मास्टर्स के दर्जे का होगा.

बेवकूफ बनती ग्राहक (मन में)- बहुत बढ़िया पंडित जी, आपकी दुकान के चलने का पूरा राज़ यही है.

पंडित जी- देखिये धन बहुत है आपके हाथ में

बेवकूफ बनती ग्राहक- मुझे धन नहीं चाहिये, मुझे यश चाहिए

पंडित जी- धन और यश तो साथ साथ ही होंगे

बेवकूफ बनती ग्राहक- ऐसा नहीं है पंडित जी, धन के बिना भी यश आ सकता है और अच्छा खासा धन तो एक चाट वाला भी कम सकता है.

पंडित जी- नहीं नहीं, धन और यश तो साथ में ही रहता है, आपकी सोच गलत है.

बेवकूफ बनती ग्राहक- career के बारे में कुछ बताइये पंडित जी.

पंडित जी- सरकारी नौकरी लग सकती है अगर मेहनत करें तो.

बेवकूफ बनती ग्राहक( मन में )- मेहनत करूँ तो देश की प्रधान मंत्री भी बन सकती हूँ. अच्छा ये बताइये कि क्रिएटिव क्षेत्र में कोई स्कोप है?

पंडित जी – नहीं नहीं कुछ ख़ास नहीं हॉबी के लिये करना चाहते हो तो कर लो बाकी तो कोई कला जैसा है नहीं हाथ में.

बेवकूफ बनती ग्राहक( मन में ) – इस भविष्यवाणी के विरोध में मैं अपने “बेस्ट ब्लॉगर” अवार्ड को वापस करने की घोषणा करती हूँ.

इसके बाद पंडित जी ने मुझसे कुछ “specific” जाने की इच्छा हो तो पूछने के लिये कहा, अभी तक कि पूरी palmistry इतनी जनरल थी कि अब और बेवकूफ बनने की हिम्मत मुझमे बाकी नहीं थी.

जेब से गांधीजी के बोझ को थोड़ा हल्का किया और मन में यह सोचा कि अब किसी पंडित को हाथ नहीं दिखाना है. विज्ञानं की छात्रा होने के बाद भी इतना अंधविश्वास, धिक्कार है मुझ पर.

पुष्कर से वापस निकल कर दिल्ली के हवाई अड्डे पर पहुंची, कोहरे के कारण फ्लाइट देरी से चल रही थी. अपनी पसंदीदा जगह क्रॉसवर्ड पहुंची, बेस्ट सेलर्स सेक्शन पर नज़रें घूमा ही रही थी कि बेजान दारूवाला की “Know your stars in 2016” पर ठिठक गयी. और किसी अदृश्य शक्ति से “Aquarius या कुंभ” राशि वाले पन्ने पर अपने आप ही चल दी.

बाकी तो आप जानते ही हैं, नास्तिक हूँ और वही विज्ञान की बात.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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